गुजरात के भरूच लोकसभा क्षेत्र (Bharuch Lok Sabha constituency) से भाजपा के सांसद मनसुख भाई वसावा (Mansukh Bhai Vasava) ने आदिवासी गांव को इको सेंसेटिव जोन में शामिल करने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है आगामी बजट सत्र में लोकसभा से इस्तीफा देने का भी ऐलान किया है। सरकार की ओर से आदिवासी बहुल नर्मदा जिले के 121 गांव को इको सेंसेटिव जोन के रूप में घोषित किया गया है सांसद मनसुख धनजी भाई वसावा इसका विरोध कर रहे हैं। सांसद वसावा इससे पहले भी कई बार भाजपा व सरकार के रवैया को लेकर अपना विरोध जता चुके हैं। गुजरात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल को भेजे गए अपने पत्र में वसावा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है उनके मूल्य व आदर्श भारतीय जनता पार्टी के अनुसार रहे हैं तथा अपनी योग्यता में विवेक से अधिक पार्टी ने दिया ऐसा उनका मानना है। इससे आगे बरसात बसावा का कहना है कि मैं एक सामान्य व्यक्ति हूं तथा आदिवासियों से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर व्यक्तिगत रूप से ऐसा है जाने के कारण वे अब भारतीय जनता पार्टी के साथ नहीं रह सकते। गुजरात प्रदेश भाजपा के सांसद मनसुख भाई वसावा अपना इस्तीफा आगामी बजट सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से मिलकर देने वाले हैं। गौरतलब है कि गुजरात में शराबबंदी आदिवासियों से जुड़े जल जंगल और जमीन के मामले तथा इको सेंसेटिव जोन को लेकर सांसद वसावा कई बार मुखर रहे हैं तथा केंद्र व राज्य सरकार को इस संबंध में अवगत भी करा चुके हैं।

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