कुछ लोग बहुत ज्यादा खाकर भी क्यों मोटे नहीं होते

कुछ लोग अपने बढ़ते मोटापे से परेशान रहते हैं तो कुछ लोग मोटे नहीं होते इस बात को लेकर दुखी रहते हैं। हम सभी जानते हैं कि जंक फूड मोटापा तेजी से बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है। अंडरवेट लोग अपना वज़न बढ़ाने के लिए बेहद खाते हैं। डाइट में पिज्जा, बर्गर और चाउमीन का सेवन करते हैं साथ ही कैलोरी बर्न करने के लिए वर्कआउट भी नहीं करते तो भी उनका वजन नहीं बढ़ता।

इतनी कैलोरी का सेवन करने के बाद भी मोटापे का नहीं बढ़ना हैरान करता है। आपने कभी सोचा है कि स्लिम फीगर के इस रहस्य के पीछे कौन सा कारण जिम्मेदार हो सकता है? स्लिम बॉडी के लिए मेटाबॉलिज्म जिम्मेदार है या कुछ और कारण है। हम आपको बताते है कि कुछ लोग जितनी भी ओवर इटिंग करले फिर भी मोटे क्यों नहीं होते।

ओवर इटिंग करने के बावजूद स्लिम फिगर रहने का राज:

कुछ लोगों के स्लिम होने के पीछे फास्ट मेटाबॉलिज्म ही सिर्फ जिम्मेदार नहीं है। स्लिम बॉडी के लिए कई कारक हो सकते हैं जैसे आनुवांशिक, पोषण और यहां तक व्यवहार भी जिम्मेदार है जो लोगों का वजन कम बनाएं रखने में अहम रोल निभाते हैं। हर इंसान अलग है और उसकी बॉडी की एक्टिविटी भी अलग है। आनुवांशिक, पोषण और आदतें वेट के बढ़ने और घटने के लिए जिम्मेदार है।

कुछ लोग आपको हमेशा खाते हुए दिखते हैं और आप हमेशा मन में सोचते हैं कि वो कितना खाता है तब भी पतला है। कोई आपके सामने रोज मिठाई खाता है इसका मतलब यह नहीं हुआ कि वो आपसे ज्यादा खाता है। हो सकता है वो दिन भर में सिर्फ दो बार ही खाकर कैलोरी की भरपाई करता है। उसकी कैलोरी की दिनभर की मात्रा आपके जैसी भी हो सकती है।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहना भी मायने रखता है:

शरीरिक गतिविधि भी लोगों को पतला रखने में मददगार हो सकती है। यहां फिजिकल एक्टिविटी से मतलब जिम में घंटा दो घंटा पसीना बहाने से नहीं है। कुछ अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि कुछ लोग पुरा दिन अपने आपको घर के और दूसरे कामों में व्यस्त रखते हैं, ऐसे लोग दूसरों की तुलना में ज्यादा शरीरिक वर्कआउट करते हैं जिसकी वजह से कैलोरी अधिक बर्न होती है और वजन कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा, कुछ लोग दूसरों की तुलना में एक ही एक्सरसाइज करके ज्यादा कैलोरी बर्न करते हैं फिर भी वो पतले नहीं होते, उनका मोटापा आनुवांशिक है।

वजन बढ़ाने और वजन घटाने में आनुवंशिकी की भूमिका:

वजन बढ़ाने या घटाने के लिए जेनेटिक फेक्टर एक प्रमुख भूमिका निभाता है। पीएलओएस जेनेटिक्स में प्रकाशित 2019 के एक अध्ययन के अनुसार 250 से अधिक डीएनए मोटापे के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 1,622 कम बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), 1,985 गंभीर मोटापे वाले लोगों और 10,433 सामान्य वजन वाले लोगों का डाटा एकत्र किया। अध्ययन के अंत में, उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि पतले प्रतिभागियों में मोटापे से जुड़े जीन कम थे। लेकिन जीन केवल एक चीज नहीं है जो वजन बढ़ाने या वजन घटाने में योगदान देते है। अध्ययन के दौरान, शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसे लोगों को भी पाया जिनके पास मोटापे के लिए आनुवंशिक कारक जिम्मेदार थे और उसके बावजूद भी वे पतले थे।

वजन घटाने और बढ़ने के लिए जिम्मेदार अन्य कारक:

मोटापा बढ़ाने के लिए सिर्फ हमारा जीन जिम्मेदार नहीं है बल्कि और भी कई कारक है जैसे सोने का तरीका, आपका लाइफस्टाइल, शराब का सेवन करने का स्तर, डाइट हैबिट्स और शारीरिक गतिविधियां जिम्मेदार है। अगर आप भी अपना वजन कम करना चाहते हैं तो अपनी बॉडी की एक्टिविटी और लाइफस्टाइल पर ध्यान दें तभी आप अपना मोटापा कम कर सकते हैं।

Written By: Shahina Noor

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button



जवाब जरूर दे 

ભાણવડ નગરપાલિકામાં કોણ જીતશે ?

  • ભાજપ (47%, 8 Votes)
  • આમ આદમી પાર્ટી (35%, 6 Votes)
  • કોંગ્રેસ (18%, 3 Votes)

Total Voters: 17

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Website Design By Bootalpha.com +91 82529 92275
.