अर्नब गोस्वामी को अलीबाग जेल के COVID-19 केंद्र में बितानी पड़ी पहली रात

मुंबई, पीटीआइ। रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी, जो एक इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए हैं, को स्थानीय स्कूल में रात बितानी पड़ी है। यह स्कूल अलीबाग जेल के COVID-19 केंद्र के रूप में निर्दिष्ट किया गया है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग की एक अदालत ने बुधवार को गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों को  2018 में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने गोस्वामी की हिरासत 14 दिनों के लिए मांगी थी, लेकिन अदालत ने कहा कि हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।

अधिकारी के मुताबिक बुधवार रात को, गोस्वामी को शहर के एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सा परीक्षण के लिए ले जाया गया था। चिकित्सा परीक्षण के बाद, उन्हें अलीबाग नगर परिषद स्कूल में ले जाया गया, जो कि अलीबाग जेल के COVID-19 केंद्र के रूप में नामित है और उन्होंने वहीं रात बिताई। रिपब्लिक टीवी द्वारा बकाया भुगतान न करने पर आर्किटेक्ट-इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और नाइक की मां की आत्महत्या के संबंध में गोस्वामी और दो अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 34 (सामान्य इरादे) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अन्य दो गिरफ्तार आरोपी फिरोज मोहम्मद शेख और नितेश सारदा को भी बुधवार को अलीबाग अदालत में पेश किया गया और 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नाइक ने अपने सुसाइड नोट में, गोस्वामी, शेख और सारदा के नामों का जिक्र किया था। पुलिस ने कहा है नोट को पुणे में लिखावट विशेषज्ञों को भेजा गया है और अब उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। एक अधिकारी ने कहा कि गोस्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई गुरुवार को अलीबाग अदालत में होगी। गोस्वामी ने 2 नवंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर मामले में एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। गुरुवार को जस्टिस एस के शिंदे और एम एस कर्णिक की खंडपीठ द्वारा इस पर सुनवाई की जाएगी।

बता दें कि रायगढ़ पुलिस की टीम ने बुधवार सुबह मुंबई के लोअर परेल स्थित घर से गोस्वामी (47) को उठाया। पुलिस द्वारा उन्हें पुलिस वैन में धकेलते हुए देखा गया और दावा किया गया कि ले जाने से पहले पुलिस द्वारा उसके साथ मारपीट की गई थी। इसके अलावा मुंबई पुलिस ने गोस्वामी, उनकी पत्नी, बेटे और दो अन्य के खिलाफ ड्यूटी में एक पुलिस अधिकारी को रोकने, मारपीट करने, मौखिक रूप से गाली देने और डराने के लिए एक एफआईआर दर्ज की है।

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