नीरज सिन्‍हा बने झारखंड के डीजीपी

Neeraj Sinha IPS: 1987 बैच के तेज-तर्रार आइपीएस अफसर नीरज सिन्‍हा को झारखंड का नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। वे अभी भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो में डीजी के पद पर तैनात हैं। पूर्णकालिक डीजीपी के पदभार लेते ही प्रभारी डीजीपी एमवी राव की छुट्टी हो गई। नीरज सिन्‍हा ने पदभार ग्रहण करते ही क्राइम कंट्रोल को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्‍होंने कहा कि देशविरोधियों काे किसी कीमत पर नहीं बख्‍शेंगे।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के डीजी नीरज सिन्हा को झारखंड का नया डीजीपी बनाया गया है। 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी नीरज सिन्हा वर्तमान में जैप के डीजी थे। उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के डीजी का अतिरिक्त प्रभार था। वर्ष 2019 में डीजी पद के लिए यूपीएससी ने 3 आईपीएस अधिकारियों का का पैनल झारखंड सरकार को भेजा था उसमे तीसरा नाम नीरज सिन्हा का था। हेमंत सरकार ने एमवी राव को झारखंड के डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया था लेकिन उन्हें यूपीएससी से पैनलिस्ट नहीं किया गया था।

जैप के डीजी नीरज सिन्हा को झारखंड का नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी नीरज सिन्हा के पास भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के डीजी का अतिरिक्त प्रभार था। राज्य के प्रभारी डीजीपी एमवी राव अग्निशमन एवं गृह रक्षा वाहिनी के डीजी बने रहेंगे। नीरज सिन्हा के डीजीपी बनने से अब संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से स्वीकृति लेने की भी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनके नाम की स्वीकृति आयोग से पूर्व में ही मिल चुकी है।

 

सबकी सुरक्षा सर्वोपरि, सबका सहयोग अपेक्षित : नीरज सिन्हा

झारखंड के नए पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा ने भरोसा दिलाया है कि वे बेहतर विधि व्यवस्था के साथ-साथ अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देंगे। नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने के बाद दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देश के मुताबिक वे कार्य करेंगे। बतौर एसीबी के महानिदेशक उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सतत कड़ी कार्रवाई की है।

बोले नए डीजीपी, विधि व्यवस्था और अपराध नियंत्रण प्राथमिकता

नए डीजीपी नीरज सिन्‍हा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम की चालू प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। झारखंड में नक्सली और देशविरोधी गतिविधियां संचालित करने वाले के खिलाफ पुलिस का रुख कड़ा रहेगा। देश व राज्य की सुरक्षा सर्वोपरि है। वे आम लोगों से अपील करेंगे कि पुलिस के कामकाज में पूरा सहयोग दें। कानून की रक्षा में पुलिस सदैव तत्पर है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद पूरी तत्परता से हर क्षेत्र में काम दिखेगा।

एमवी राव बने रहेंगे अग्निशमन सह गृह रक्षा वाहिनी के डीजी

झारखंड के पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की सेवानिवृत्ति के पहले वर्ष 2019 में यूपीएससी में डीजीपी पद के लिए राज्य सरकार ने छह आइपीएस अधिकारियों के नाम का पैनल भेजा था। इसमें यूपीएससी ने जिन तीन आइपीएस अधिकारियों का नाम डीजीपी पद के लिए सरकार को भेजा था, उनमें वीएच राव देशमुख (अब सेवानिवृत्त), कमल नयन चौबे (पूर्व डीजीपी) व नीरज सिन्हा का नाम था। तत्कालीन रघुवर सरकार ने कमल नयन चौबे को डीजीपी बनाया था। हेमंत सोरेन की सरकार बनने के बाद कमल नयन चौबे को स्थानांतरित करते हुए एमवी राव को प्रभारी डीजीपी बनाया गया था।

एमवी राव को स्थाई डीजीपी बनाने के लिए यूपीएससी को पैनल भेजा गया था, लेकिन यूपीएससी ने यह कहते हुए पैनल ठुकरा दिया था कि दो साल के पूर्व पैनल पर विचार करना असंवैधानिक होगा। अभी यह विवाद चल ही रहा था कि इसी बीच पूर्व के पैनल के अनुसार ही तीसरे नाम नीरज सिन्हा पर राज्य सरकार ने मुहर लगाते हुए गुरुवार को झारखंड का डीजीपी बनाने पर सहमति दे दी। इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है।