गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने ताम्रध्वज साहू को नियुक्ति किया वरिष्ठ पर्यवेक्षक

कांग्रेस ने रविवार को ताम्रध्वज साहू को गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए चुनाव अभियान और समन्वय की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि गुजरात के छह नगर निगमों के चुनाव 21 फरवरी को होंगे और 81 नगर पालिकाओं, 31 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों के लिए 28 फरवरी को होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइआइसी) पर्यवेक्षक के रूप में ताम्रध्वज साहू को तत्काल प्रभाव से गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव की निगरानी और समन्वय के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

उन्होंने कहा कि वह गुजरात के एआइसीसी प्रभारी राजीव सातव के साथ परामर्श और निकट समन्वय में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। साहू कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार में गृह मंत्री हैं। छह नगर निगमों के लिए मतों की गिनती 23 फरवरी को होगी। 81 नगर पालिकाओं, 31 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों के लिए 23 मार्च को मतों की गिनती होगी। छह नगर निगम अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जामनगर और भावनगर में चुनाव होंगे। ये चुनाव पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में होने थे लेकिन कोरोनो वायरस के प्रकोप के कारण अब होंगे।

गुजरात में स्थानीय निकायों के चुनाव 21 और 28 फरवरी होंगे, लेकिन विपक्ष ने इन तारीखों पर सवाल उठाया है। राज्य चुनाव आयोग के सचिव महेश जोशी ने बताया कि शनिवार को स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा के साथ ही चुनाव क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। छह महानगर पालिकाओं- अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, जामनगर, भावनगर, वडोदरा, 81 नगरपालिकाओं और 31 जिला पंचायतों, 231 तहसील पंचायतों में चुनाव तथा अन्य खाली पड़ी सीटों पर उपचुनाव होंगे। एक फरवरी से महानगरपालिकाओं के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि अंतिम तारीख छह फरवरी होगी। जिला व तहसील पंचायतों तथा नगरपालिकाओं के लिए नामांकन आठ फरवरी से शुरू होगा और इसकी आखिरी तिथि 13 फरवरी होगी।
महानगर पालिकाओं के लिए मतदान 21 को और मतगणना 23 फरवरी को होगी, जबकि जिला, तहसील पंचायत व नगरपालिका के मतदान 28 फरवरी और मतगणना दो मार्च को होगी। चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही उस पर सवाल उठने लगा है। अहमदाबाद महानगर पालिका के पूर्व नेता विपक्ष दिनेश शर्मा का कहना है कि चुनाव की तिथियों को देखकर लगता है कि चुनाव आयोग का कार्यालय भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में है। महानगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम आने के बाद जिला व तहसील पंचायतों में मतदान की तारीख तय करने से लगता है। इनके चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास है, जो सफल नहीं होगा।

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