कौन है ये खूबसूरत महिला सना मेरिन जिनसे पहली बार होगी PM मोदी की बात, दोनों की मिलती है आदत

फिनलैंड की प्रधाानमंत्री सना मेरिन ने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया है। बेकरी में काम के दौरान उन्‍होंने पढ़ाई की। मेरिन फिनलैंड की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री हैं। इसके अलावा वो पूरी तरह से शाकाहारी हैं।

कोरोना काल में भी पीएम मोदी ने लगातार विश्‍व के नेताओं से विभिन्‍न मुद्दों पर बातचीत का सि‍लसिला बनाए रखा है। भले ही ये सभी बैठकें वर्चुअल तरह से हुईं लेकिन इनका अपना महत्‍व कम नहीं है। इसी कड़ी में मंगलवार को पीएम मोदी फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मिरेला मेरिन से बात करने वाले हैं। आपको बता दें कि सना महज 35 वर्ष की हैं और वो फिनलैंड की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री हैं। इसके अलावा वो सदन की सबसे कम उम्र की सदस्‍य भी हैं। 2019 में हुई पोस्‍टल स्‍ट्राइक के चलते जब तत्‍कालीन प्रधानमंत्री एंटी रिने को इस्‍तीफा देना पड़ा तब सना ने 10 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण किया था।

यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाली परिवार की पहली सदस्‍य है सना 

बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि मेरिन अपने परिवार की पहली ऐसी सदस्‍य हैं जो यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं। इसके अलावा उनकी एक आदत पीएम मोदी से पूरी तरह से मिलती है। दरअसल, पीएम मोदी की ही तरह सना भी पूरी तरह से शाकाहारी हैं। अक्‍टूबर 2020 में उन्‍होंने ट्रेंडी मैग्‍जीन के लिए एक फोटो शूट भी किया था, जो काफी चर्चा में आया था। इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था। मेरिन बीबीसी ने वर्ष 2020 की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया था। इसके अलावा फोर्ब्‍स की मैग्‍जीन द्वारा जारी प्रभावशाली महिलाओं की सूची में भी वो शामिल की गई थीं। इसी दौरान वो यंग ग्‍लोबल लीडर ऑफ द वर्ल्‍ड इकनॉमिक फोरम भी बनीं। मेरिन टाइम मैग्‍जीन के कवर पर भी आ चुकी हैं।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्‍य हैं सना

सना सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्‍य हैं। भले ही वो पीएम 2019 में बनी थीं लेकिन सदन की सदस्‍य वो वर्ष 2015 से ही हैं। प्रधानमंत्री बनने से पहले वो परिवहन और संचार मंत्रालय में मंत्री रह चुकी हैं। अपनी इस छोटी सी आयु में उन्‍होंने काफी कुछ अनुभव किया है। 16 नवंबर 1985 को हेलंस्‍की में जन्‍मी सना एस्‍पो, पिरकाला और टेंपर में रही हैं। जब वे बेहद छोटी थीं तभी उनके माता-पिता के बीच उभरे मतभेदों की वजह से दोनों में तलाक हो गया था। इसके बाद उन्‍हें भी उनकी मां को ही सौंप दिया गया। उन्‍होंने अपनी मां और उनके दूसरे पार्टनर के साथ काफी समय गुजारा। उनके घर की भी आर्थिक हालत बेहद खराब थी। वहीं उनके पिता लॉरी मेरिन को भी काफी संघर्ष करना पड़ा था।

20 वर्ष की उम्र में हुई राजनीति में एंट्री 

वर्ष 2004 में 19 वर्ष की उम्र में वो पिरकला हाई स्‍कूल से ग्रेजुएट हुईं और इसके दो वर्ष बाद ही उनकी राजनीति में एंट्री भी हुई। 2006 में वो सोशल डेमोक्रेटिक यूथ की सदस्‍य बनीं और फिर वर्ष 2010-2012 तक वो इसकी अध्‍यक्ष भी रहीं। अपने जीवन यापन के लिए उन्‍होंने बेकरी में बतौर कैशियर काम किया और साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी पूरी की। उन्‍होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेंपर से एडमिनिस्‍ट्रेटिव साइंस में मास्‍टर डिग्री हासिल की।

यूं चढ़ता गया राजनीतिक ग्राफ 

बीबीसी के मुताबिक मेरिन का राजनीतिक करियर 20 वर्ष की उम्र में शुरू हुआ था। इसके बाद उन्‍होंने टेंपर के सिटी काउंसिल का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन इसमें उन्‍हें जीत 2012 में मिली। मेरिन 2013-2017 तक सिटी काउंसिल की चेयरमेन भी रहीं हैं। वर्ष 2017 में वो दोबारा इसके लिए चुनी गईं। पहली बार उन्‍हें यूट्यूब की बदौलत खूब ख्‍याति मिली। वर्ष 2014 में मेरिन सेंकेड डिप्‍टी चेयरमेन ऑफ सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के तौर पर चुनी गई और 2015 में वो फिनलैंड की संसद के लिए बतौर सांसद पिरकनम्‍मा क्षेत्र से चुनी गईं। 2019 के चुनाव में उन्‍होंने फिर धमाकेदार जीत हासिल कर लोगों को हैरान कर दिया था। 23 अगस्‍त 2020 को मेरिन एसडीपी की प्रमुख के तौर पर चुनी गई थीं।

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