कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पुडुचेरी में मछुआरों से बात की। इस दौरान उन्होंने तीन कृषि कानून व किसानों का मुद्दा उठाया और भारत सरकार पर एक बार फिर हमला किया। साथ ही उन्होंने मछुआरों को समुद्र का किसान बताते हुए उनके लिए मंत्रालय की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘देश की रीढ़ की हड्डी किसानों के विरोध में भारत सरकार ने तीन विधेयक पारित किए हैं। आपको जरूर हैरानी हो रही होगी कि मछुआरों के बैठक में मैं किसानों की बात क्यों कर रहा हूं। मैं आप सबको समुद्र के किसानों की तौर पर देखता हूं। यदि खेती करने वाले किसानों के लिए दिल्ली में मंत्रालय हो सकता है तो समुद्र के किसानों के लिए ऐसा क्यों नहीं।’ वे आज शाम एक कॉलेज में भी विद्यार्थियों से बात करने वाले हैं।

कांग्रेस शासित प्रदेश पुडुचेरी (Puducherry) इस वक्त राजनीतिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 25 फरवरी को पुडुचेरी का दौरा करने वाले हैं। वे कोयंबटूर भी जाएंगे।  केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में तेजी से बदले घटनाक्रम में सत्तारूढ़ पार्टी के एक और विधायक जॉन कुमार के इस्तीफा दे देने से कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई है। दूसरी ओर, उपराज्यपाल किरण बेदी को हटा दिया गया, जिसकी मांग कांग्रेस काफी समय से करती रही है। राज्य में अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस को झटका लगने का सिलसिला लगातार जारी है।

पिछले एक महीने में कांग्रेस के चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है।  ताजा घटनाक्रम के बाद मौजूदा 28 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के सिर्फ 14 सदस्य रह गए हैं। इस कारण विपक्ष मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी से इस्तीफे की मांग करने लगा है। सदन में स्पीकर समेत कांग्रेस के दस और सहयोगी द्रमुक के तीन सदस्य रह गए हैं। एक निर्दलीय विधायक भी सरकार का समर्थन कर रहा है। इस समय बहुमत का आंकड़ा 15 है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों के पास 14-14 विधायक हैं। फिलहाल तेलंगाना की राज्यपाल टी. सौंदरराजन को नई नियुक्ति होने तक पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। मुख्यमंत्री नारायणसामी ने बेदी को उनके पद से हटाए जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि यह लोगों के अधिकारों की जीत है।

સરકાર તથા પર્યાવરણ વિભાગના આંખ આડા કાન

પોરબંદરમાં માછીમારોની હાલત કફોડી, તંત્રને કરવામાં આવી રજૂઆત

પોરબંદરમાં માછીમારોની કફોડી હાલત બની હોવા અંગે તંત્રને રજૂઆત કરવામાં આવી હતી માછીમાર લોકોની દયનીય હાલત , ડીઝલના ભાવ ભડકે બળે છે , તેમજ સરકારે કેમિકલ યુક્ત ફેક્ટરીઓના ઝેરી પાણી દરિયામાં ઠાલવવા, તથા માછલી ઓના જથ્થો ન મળતા બોટો બંધ થયેલ હોવાની ફરિયાદ કરાઇ હતી. માછીમારી ધંધામાં છેલ્લા ત્રણ વર્ષ થી માછીમારી ઉદ્યોગમાં મહામારી ચાલી રહી છે. મચ્છીનો જથ્થો મળતો નથી, મચ્છીના ભાવો અપુરતા મળે છે. બોટ ચલાવી શકાય તેમ નથી. ડીઝલના ભાવો આશમાને જઇ રહિયા છે. મોંઘવારી અતિશય વધી રહી છે. પગાર ધોરણ ઊંચા જઈ રહીયુ છે. આવી પરિસ્થિતિમાં બોટ ચલાવી શકાય તેવી પોઝિશન રહી નથી એટલે હાલમાં 70 % માછીમાર બોટ બંધ થઈ ગઈ છે. અને માછીમારો બે હાલ થઈ ગયા છે. બેકારીના કહેરમાં હોમાઇ જઈ રહિયા છે. see more…..

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