राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को फिर शक्ति प्रदर्शन किया। पायलट इन दिनों किसान महापंचायत के नाम पर जिलों में सभाएं कर रहे हैं। मंगलवार को भरतपुर जिले के बयाना में उन्होंने महापंचायत को संबोधित किया। पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लागू किए जा रहे तीनों कृषि कानून किसानों को खत्म करने के कानून हैं। किसान पूरे देश का पेट पालता है, लेकिन केंद्र सरकार इनके साथ अन्याय कर रही है।

किसानों को एकजुट होने की जरूरत 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं ने किसानों की आमदनी दुगनी करने का वादा किया था, लेकिन इन कानूनों के माध्यम से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है । हालात यह हो गए कि इन कानूनों के कारण किसान अपने खेत में गुलाम बन जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को एकजुट होने की जरूरत है। किसानों को अपने हक के लिए लड़ाई लड़नी होगी। कांग्रेस किसानों के साथ है।

आत्मसम्मान की रक्षा करेगा किसान 

उन्होंने कहा कि किसान की कोई जाति नहीं होती। किसान की मजबूती के लिए सबको एकसाथ मिलकर संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगाई है, लोहे के कंटीले तार लगाए हैं, लेकिन किसान अपने आत्मसम्मान की रक्षा करके रहेगा।

मान-सम्मान की रक्षा करेगी पार्टी

उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसान के मान-सम्मान की रक्षा करेगी। इस मौके पर पायलट समर्थक पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, अमर सिंह, गजराज खटाणा, राकेश पारीक और वेद सोलंकी ने भी किसान महापंचायत को संबोधित किया। इस दौरान भरतपुर जिले के गहलोत खेमे के दो मंत्री और एक विधायक महापंचायत में नहीं पहुंचे।

17 को चाकसू में करेंगे महापंचायत

गहलोत खेमे के तकनीकी शिक्षामंत्री सुभाष गर्ग, राज्यमंत्री भरोसी लाल जाटव, विधायक वाजिब अली पायलट खेमे के बुलावे के बावजूद महापंचायत से दूर रहे। उल्लेखनीय है कि पायलट पिछले सप्ताह दौसा में महापंचायत में शामिल हुए थे। अब 17 फरवरी को वे जयपुर जिले के चाकसू में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे।

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