26 जनवरी को होने वाली किसानों की ट्रैक्‍टर रैली को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वे (किसान) 26 जनवरी के बजाय किसी और दिन चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने अब उन्‍होंने घोषणा कर दी है। बिना किसी दुर्घटना के शांतिपूर्वक ट्रैक्‍टर रैली आयोजित करना किसानों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय होगा।

ज्ञात हो कि गणतंत्र दिवस पर किसान ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए कई राज्‍यों से किसान दिल्‍ली पहुंच रहे हैं। परेड तीन जगहों से शुरू होगी, जिनमें सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर शामिल हैं। दिल्‍ली पुलिस ने ट्रैक्‍टर रैली के लिए तीन रूट पर करीब 170 किलोमीटर लंबी सड़क की अनुमति दी है। दिल्‍ली में आंदोलन कर रहे किसानों में सबसे ज्‍यादा संख्‍या पंजाब और हरियाणा के किसानों की है। ट्रैक्‍टर रैली में शामिल होने वहां से हजारों किसान और आ रहे हैं।

ट्रैक्‍टर्स पर तिरंगा लगाए, डीजे पर गाने बजाते ये किसान दिल्‍ली की तरफ कूच कर चुके हैं। वहीं यूपी और दिल्‍ली के बीच स्थित गाजीपुर बॉर्डर पर भी ट्रैक्‍टर लेकर पहुंचे किसानों का जमा होना जारी है। यहां उत्‍तराखंड और यूपी से आए किसान जमा हो रहे हैं।

किसान नेता अपनी कार में ट्रैक्‍टर रैली में सबसे आगे चलेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि प्रत्येक ट्रैक्टर पर तिरंगा लगा रहेगा और उस पर  लोक संगीत और देशभक्ति गीत बजेंगे। हर ट्रैक्टर पर केवल पांच लोगों के सवार होने की अनुमति रहेगी, लेकिन ट्रॉली नहीं जाएगी। नेताओं ने रैली में शामिल होने वालों से अपील की है कि वे अपने साथ 24 घंटे का राशन पानी पैक करके चलें। वे ठंड से बचाव का इंतजाम भी रखें। रैली में किसी भी पार्टी का झंडा नहीं लगेगा।

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