2019 में वायु प्रदूषण से हुआ देश को 2,718 अरब रुपये का नुकसान, 16 लाख से अधिक की हुई मौत!

वायु प्रदूषण ने भारत की जीडीपी को काफी नुकसान पहुंचाया है। इसकी वजह से करीब 16 लाख लोगों की असमय मौत भी हुई है। इससे देश को होने वाला नुकसान हमारी सोच से कहीं अधिक बड़ा भी है।

देश और खासकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के कारण बीमारियों के साथ-साथ असमय मौत के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। गत वर्ष वायु प्रदूषण के कारण हुई बीमारियों और अकाल मौतों की वजह से देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी को करीब 1.4 फीसद का नुकसान हुआ है। लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ पत्रिका में मंगलवार को प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि वायु प्रदूषण के कारण राज्य स्तर पर जीडीपी का सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर प्रदेश को झेलना पड़ा है, जबकि दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति आय में गिरावट दर्ज की गई।

उत्तर प्रदेश व बिहार को सर्वाधिक नुकसान

राज्यों की जीडीपी की बात करें तो गत वर्ष वायु प्रदूषण के कारण सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर प्रदेश को हुआ। उसे जीडीपी का 2.2 फीसद नुकसान उठाना पड़ा, जबकि बिहार को दो फीसद का।

दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय पर बड़ी मार

रिपोर्ट में बताया गया है कि वायु प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय पर पड़ा। इसके बाद हरियाणा का नंबर आता है। गत वर्ष दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय में 62 डॉलर यानी करीब 4,578 रुपये की गिरावट आई, जबकि हरियाणा को 53.8 डॉलर यानी करीब 3,973 रुपये की मार पड़ी।

16 लाख से ज्यादा मौतें

अध्ययन में पाया गया कि भारत में वर्ष 2019 के दौरान वायु प्रदूषण के कारण 16.7 लाख मौते हुईं। यह देश में हुई कुल मौतों का 17.8 फीसद था।

पीएम में हुई 115 फीसद की वृद्धि

वर्ष 1990 से 2019 के बीच घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रदूषणकारी ईंधन के प्रयोग के कारण होने वाली असमय मौतों में 64.2 फीसद की गिरावट आई है। हालांकि, बाहरी वातावरण के पार्टिकुलैट मैटर (प्रदूषक तत्व) में 115.3 फीसद की वृद्धि हुई है। वाहनों व उद्योगों से होने वाले वायु प्रदूषण में 139.2 फीसद का इजाफा हुआ है।

अकाल मौतों से भी उप्र को ज्यादा क्षति

लेखकों का कहना है कि वाहनों व उद्योगों से वायु प्रदूषण के कारण हुई असमय मौतों ने उत्तर प्रदेश को बड़ा झटका दिया है। इसके कारण जहां देश की जीडीपी को 0.05 फीसद नुकसान हुआ है, वहीं उत्तर प्रदेश को 0.12 फीसद का झटका लगा है। नगालैंड को सबसे कम 0.01 फीसद का नुकसान हुआ है।

धुआं हो गए देश के 2,718 अरब रुपये

वर्ष 2019 में वायु प्रदूषण के कारण हुई अकाल मौतों की वजह से देश को 28.8 अरब डॉलर यानी 2,127 अरब रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं बीमारियों के कारण आठ अरब डॉलर यानी करीब 591 अरब रुपये का झटका लगा है। कुल मिलाकर वायु प्रदूषण की वजह से देश को 36.8 अरब डॉलर यानी 2,718 अरब रुपये का झटका लगा है।

अमेरिका का दिया उदाहरण

शोधकर्ताओं ने अमेरिका का उदाहरण दिया है। वहां वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वर्ष 1970 से अभियान चलाया जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में किए गए एक डॉलर के निवेश को 30 डॉलर के आर्थिक मुनाफे में बदला है।

मजबूत आकलन पेश करती है रिपोर्ट : पॉल

नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर विनोद पॉल ने कहा, ‘वायु प्रदूषण कम करने के लिए भारत ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं। रिपोर्ट प्रवृत्तियों और प्रत्येक राज्य की मौजूदा स्थिति का मजबूत आकलन पेश करती है। यह इस बात पर बल देती है कि राज्यों की तरफ से वायु प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में किए जा रहे प्रयासों को तेज करने की जरूरत है।’ आइसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और उन्नत चूल्हा अभियान जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं ने देश में घरेलू वायु प्रदूषण कम करने में मदद की है।

अर्थव्यवस्था पर बड़ा भार: प्रो ललित

अध्ययन के वरिष्ठ लेखक व इंडिया स्टेट लेवल डिजिज बर्डेन इनीशिएटिव के निदेशक प्रो ललित डांडोना कहते हैं कि वायु प्रदूषण के कारण पैदा हुई बीमारियों व असमय मौतों ने देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा भार डाला है। वर्ष 2019 में 0.4 फीसद नुकसान की आशंका थी, जो 1.4 फीसद पर पहुंच गई। वायु प्रदूषण का कम विकसित राज्यों की अर्थव्यवस्था व लोगों की सेहत पर प्रभाव ज्यादा है, जिस दिशा में काम करने की जरूरत है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button



जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Website Design By Bootalpha.com +91 82529 92275
.