अमित शाह के साथ 1 दिसंबर को 1 बजे हो सकती है किसान संगठनों की बैठक

दिल्ली से सटे हरियाणा के सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर इकट्ठा हुए हजारों की संख्या में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी से आए किसान डटे हुए हैं। वह यहां से टस से मस होने के लिए तैयार नहीं है। इस बीच खबर आ रही है कि 1 दिसंबर को 1 बजे क‍िसानों संगठनों की केंद्रीय गृह मंत्री अम‍ित शाह के साथ बैठक हो सकती है। इस बैठक के लिए क‍िसान नेताओं ने अम‍ित शाह, राजनाथ सिंंह व कृष‍ि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात की थी। यह बैठक कहां पर होगी? यह अभी तय नहीं हुआ है।

  • वहीं, यह खबर भी आ रही है कि सिंघु बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर पर किसान बैठे रहेंगे या हटेंगे? रविवार को इस पर फैसला हो सकता है। बताया जा रहा है कि किसान संगठनों के नेताओं की गोपनीय तरीके से बैठक चल रही है। इस बैठक का नतीजा दोपहर बाद तक आ सकता है।
  • वहीं, बुराड़ी मैदान में किसानों के प्रदर्शन करने के मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि गाजियाबाद-दिल्ली सीमा पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने अपना विरोध जारी रहेगा। विरोध रामलीला मैदान में होता है, फिर हमें निजी सुविधा वाले निरंकारी भवन में क्यों जाना चाहिए? हम रविवार को दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर ही रहेंगे।
  • इस बीच किसान संगठनों ने  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस प्रस्ताव भी ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने बुराड़ी में मुहैया कराई गई जगह पर सभी किसानों के इकट्ठा होने के बाद बातचीत शुरू करने की बात कही थी। गौरतलब है कि शनिवार शाम को केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के साथ सरकार की ओर से तत्काल बातचीत के लिए तैयार रहने का इशारा किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से धरने के लिए निर्धारित बुराड़ी स्थित संत निरंकारी मैदान में पहुंचने की अपील की थी।
  • उन्होंने कहा था कि निर्धारित स्थल पर पहुंचने के अगले ही दिन वार्ता होगी वहीं, किसानों ने अमित शाह की इस शर्त को ठुकरा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, टीकरी बॉर्डर पर जमा किसान संगठन प्रमुख किसान यूनियन-एकता उगराहा के प्रधान जोगिंदर सिंह से अमित शाह ने बात की थी, वह बुराड़ी में प्रदर्शन करें, लेकिन उन्होंने यह मांग भी ठुकरा दी है।

वहीं, पंजाब व हरियाणा के किसानों के प्रदर्शन के चलते सिंघु बॉर्डर सील है। इस वजह से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। न दिल्ली के वाहन हरियाणा जा पा रहे हैं और न ही हरियाणा, पंजाब, हिमाचल से वाहन दिल्ली आ पा रहे हैं। न तो रोडवेज की बस चल रही हैं और न ही लोग निजी वाहनों से आवागमन कर पा रहे हैं। इस वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को कई-कई किलोमीटर पैदल चलकर रिक्शा आदि पकड़ने पड़ रहा है। एक हाथ में बच्चे को और दूसरे से सिर पर रखा सामान पकड़े महिलाएं जैसेतैसे खेतों के रास्ते से होते हुए दिल्ली पहुंच रहीं हैं। बुजुर्ग लोग भी भारी-भारी बैग लेकर कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। कई बुजुर्ग तो राष्ट्रीय राजमार्ग से उतरते समय गिर भी गए। छोटे बच्चों से इतनी दूर चला भी नहीं जा रहा है। इसके अलावा हरियाणा से दिल्ली नौकरी करने जाने वाले लोग भी इस प्रदर्शन की वजह से घर में बैठे हैं।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button



जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Website Design By Bootalpha.com +91 82529 92275
.