आखिर एक परमाणु वैज्ञानिक की हत्‍या से दुनिया में क्‍यों मची खलबली, कौन हैं मोहसिन फखरीजादेह

ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह की तेहरान में हत्या कर दी गई है। इस हत्‍या ने पूरी अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति को प्रभावित किया है। इसका असर न केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होगा, बल्कि इसका प्रभाव पूरे मध्‍य एशिया की शांति प्रक्रिया पर होगी। इस हत्‍या से इजराइल और ईरान के संबंधांं के समीकरण भी बदलेंगे। इस हत्‍या की आंच अमेरिका तक पहुंचेगी। ऐसे में यह जिज्ञासा जरूर पैदा होती है कि आखिर कौन है परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह ? इनकी मौत से ईरान क्‍यों व्‍याकुल हो गया ? इनकी हत्‍या के बाद तेहरान परमाणु कार्यक्रम पर क्‍या कोई असर पड़ेगा। किसको खटकते थे मोहसिन फखरीजादेह ?

ईरान के परमाणु कार्यक्रम के जनक थे मोहसिन

मोहसिन ईरान के सबसे प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक थे। मोहसिन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता था। उन्‍होंने ईरान के तथाकथित परमाणु हथियार ‘अमाद’ या ‘होप’ कार्यक्रम का नेतृत्‍व किया था। पश्चिमी देशों के सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार वह ईरान में बहुत ही ताकतवर थे। ईरान के पूरे परमाणु कार्यक्रम की जिम्‍मेदारी उन्‍हीं के कंधों पर थी। 2015 में न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने मोहसिन की तुलना जे रॉबर्ट ओपनहाइमर से की थी। ओपनहाइमर एक ऐसे वैज्ञानिक थे, जिन्‍होंने मैनहट्टन पर‍ियोजना की अगुवाई की थी। उन्‍होंने दूसरे विश्‍व युद्ध के दौरान पहला परमाणु बम बनाया था। इजरायल ने वर्ष 2018 में यह दावा किया था कि मोहसिन ने  ईरान के परमाणु हथ‍ियार कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। उस वक्‍त इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू ने एक प्रेसवार्ता में कहा था कि मोहसिन इनके परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख वैज्ञानिक हैं। उन्‍होंने जोर देकर कहा था कि इस नाम को जरूर याद रखें।

ईरान-इजराइल में अमेरिका फैक्‍टर

अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव में सत्‍ता परिवर्तन के साथ ईरान को लेकर इजराइल की चिंता बढ़ गई है। इजराइल की यह चिंता अनायस ही नहीं है। दरअसल, अमेरिका में नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने यह ऐलान किया है कि सत्‍ता में आने के बाद वह ईरान परमाणु समझौते की वापसी करेंगे। उनके इस ऐलान के बाद ही इजराइल की चिंता बढ़ गई है। इसके पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ईरान परमाणु समझौते की मुखालफत करते हुए इस करार से अमेरिका को अलग कर लिए थे। इस दौरान ऐसी भी चर्चा रही कि राष्‍ट्रपति ट्रंप ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की योजना भी बना रहे थे, लेकिन अमेरिका में सत्‍ता में बदलवा के साथ ही ईरान के प्रति अमेरिकी दृष्टिकोण में बदलाव के संकेत मिले हैं। परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह की हत्‍या के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को जरूर धक्‍का लगेगा, ऐसे में इजराइल ने जरूर राहत की सांस ली होगी।

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